• arvindrajchaudhary 45w

    पचहत्तर दाग हैं चाँद को
    गुरूर मे फिर भी चूर है
    भंवरा भटके फूल पर
    इश्क़ ऐसा फतूर है
    उधार लेकर वो चमक रहा
    अभिमानी है मगरूर है
    मगर जो तेरा नूर है
    तू यहाँ दिल मे है, मशहूर है
    ये इश्क़ जो है सर चढ़ा
    गजब है ये फितूर है
    तू दिल मे भी है शाही मे भी
    और चाँद बहुत ही दूर है
    भंवरा हूँ मैं फूल तुम हो
    बगीचे मे हरकत जरूर है
    महज़ इश्क़ किया है तुमसे जाना
    क्या इसमे भी मेरा कुसूर है
    हुकुम करो गर गुनाह है चाहना
    हर सज़ा हमे मंज़ूर है
    To be cont...
    ©arvindrajchaudhary