• surbhi_verma 10w

    दिल का किरदार इतना आसान भी नहीं है ,
    दिमाग की तरह समझदार जो नहीं है ।
    कई दफा बेतुकी बातों पर पिघल जाता है ,
    मानो इसका कोई अपना घरबार नहीं है ।

    इनके टुकड़े टूटने के काबिल नहीं है ,
    शौक दिल लगाने के अब भी हज़ार है ।
    टूटे टुकड़ों से महफ़िल जीतना है इसे ,
    ये दिल कमबख्त बड़ा सस्ता बाज़ार है ।
    ©surbhi_verma