• sure_kha860 5w

    सिलसिला

    एक के बाद दूसरा सिलसिला चलता रहा
    जिन्दगी का सफर यूँ ही कटता रहा।
    मुसाफिर हैं हम उस राह के
    साफ साफ दिख रहा पर अनोखा बड़ा ।