• teshi_langyan 19w

    रावण बनाम राम

    राम

    मैं प्यार करता हूँ लेकिन निभाता नहीं हूँ
    दूसरों के कहे पे उसको छोड़ देता हूँ वजह बताता नहीं हूँ
    यू तो सब जानता हु लेकिन रावण को कैसे मारू बुझा पाता नहीं हूँ।

    रावण

    मैं दुःख देख नहीं सकता बहन का, भगवान से भी लड़ जाता हूँ
    कोई ओरत कितना भी नज़दीक हो, जगह दिल में सिर्फ़ पत्नी की बचाता हूँ।