• neha__choudhary 6w

    30/06/2020

    1. पहले तो आत्मा को भी नहीं जानते थे। हम कब से पार्ट बजाते हैं, कुछ नहीं जानते थे।

    2. मैं आत्मा बिन्दी हूँ। बाप भी बिन्दी है, उस रूप में याद करें, ऐसे बहुत थोड़े हैं। नम्बरवार बुद्धि है ना।

    3. हम किसकी पूजा नहीं करते हैं क्योंकि जो सबका पूज्य है ऊंच ते ऊंच भगवान, उनकी हम सन्तान हैं।

    4. भक्ति शुरू ही तब होती है जब रावण राज्य होता है। पूज्य से पुजारी बन जाते हैं। फिर पुजारी से पूज्य बनाने के लिए बाप को आना पड़ता है।

    5. पहली-पहली मुख्य बात यह समझानी है-अपने को आत्मा बिन्दी समझो।

    6. तुम बच्चों की दिल में जंचता है कि बरोबर बाबा हम आत्माओं को सच्चा ज्ञान दे रहे हैं, फिर कल्प बाद भी बाप को आना पड़ेगा।

    7. बाप समझाते रहते हैं कि स्टडी पूरी तब होगी जब विनाश के लिए सामग्री तैयार होगी।

    8. बाप समझा रहे हैं कि अपनी आत्मा को योगबल से पवित्र बनाओ। मुझे याद करो तो विकर्म विनाश हो जायेंगे।

    9. देह-अभिमान को छोड़ देना है। तुम आत्मा हो, यह तुम्हारा रथ है, इससे तुम कितना काम करते हो।

    10. जो नॉलेज सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त की बाप के पास है वह बच्चों की बुद्धि में टपकती है।

    11. वह कहते हैं मामेकम् याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश हों। बस। और कोई तकलीफ नहीं देते हैं। आगे चल शिवबाबा को भी याद करने लग पड़ेंगे