• priyanka_aro 31w

    फित्रत जानलो एलाहीदा होने से पहले,
    तुम्हारे लिए कितना सहाल था मुझे रोता हुआ
    अकेला छोड़के किसी और का काफलत बन्ने के लिए,
    के वो हर रात गवहा हैं उस इंतेजार मैं,
    जो कटी हैं तुम्हारे एक झलक के लिए.
    इतने साल तुम्हारे लिए दिन रात एक करके
    मेने इस रिषते को जोड़े रखा,
    के तुमने एक ही दिन मैं उस्से झूटला दिया.
    यहाँ मेरे वफ़ा दारी पर षक उठा के
    कैसे जान नहीं पायी मैं इस फारेबी को .
    बहुत रूलाया हैं इस आँखो को तुमने.
    अभी आँख बंद करने से डर लगता हैं.
    स्वेरा देखना चहाती हूँ पर हर रात वो स्वालात मैं
    गुजर जाती हैं,
    ज़िंका ज्वाब मेरे उस मजबूर कलम के पास भी नहीं .
    सच कहु तोह,
    ये सच्चाई हैं के दिल अकेला हैं .
    बेबस हैं.
    तन्हा हैं .
    पर आज भी मुहब्बत करने की हिम्मत रखता हैं .
    _Priyanka Aro

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    आज भी मुहब्बत करने की हिम्मत रखता हैं .