• ranasunidhisingh 6w

    नादान थी, कोई कृष्ण जैसा का स्वपन सजाई थी,
    नादानी हैं, रुक्मिणी बनकर भी राधा बनने की आस लगाई हुं ।
    ©ranasunidhisingh