• k_kshitij 50w

    वक्त वक्त की बात है

    कल जो करीब थे,
    आज छुटे उनके हाथ है;
    भूल जा जो छूट गया,
    वो अपना है जो तेरे साथ है;
    मिलना-बिछडना ही जिवन है,
    सब वक्त वक्त की बात है !

    इनसान के बस मे कहां ?
    कभी होते उसके हालात है,
    शतरंज के प्यादे है सब,
    उस 'खिलाडी' के आगे, अपनी क्या औकात है
    प्यादे को भी कब वो राजा बनादे,
    रख भरोसा उसपे बस वक्त वक्त की बात है....


    ©k_kshitij