• akarshitasingh_ 5w

    ज़नाब, कल की ख़ुशी के लिए तुम चाहें जितने ख़्वाब संवार लो लेक़िन आज की ख़ुशी आज के पूरे होते हुए ख़्वाबों से ही मिलेगी।
    ©akarshitasingh_