• beshaklshayar_ 23w

    सुख़नवर

    ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप ,
    क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद ।

    कैफ़ी आज़मी

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    ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप ,
    क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद ।

    कैफ़ी आज़मी