• kavithajain 23w

    कविता की कविता

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    पहला दिन स्कूल

    एक छोटा ननहा बच्चा मां के गोद
    मे खील खिलाता हसता खेलता
    सब सात बुआ दादी संग रहता
    चार साल सात सात कब दिन
    बीत गये वह मासुम सा बच्चा

    न रहे एक दुजे से कभी दूर
    वक्त आ गया स्कूल का
    बच्चे के संग स्कूल के पास
    बच्चा अंदर जाने लगा दरवाजा बंद

    आसुऔ से बरे मां और सब
    वह रोता बच्चा अंदर एक धंटा
    बीत गया स्कूल में बाहर मां
    बुआ के संग बच्चा रोते रोते

    बाहर आया सब गले मिले
    बच्चा बोला घर चलो घर चलो
    मुझे नही जाना स्कूल सब जने
    समझाने लगे तब मुस्कान आई

    ऐसा मुश्किल वक्त सब को आते
    दिल बडा रहना बच्चे को समझना
    और समझाना वही दुनिया की रित
    जिंदगी का आगे बढ़ने का पहला कदम
    ©kavithajain