• introvert12 6w

    उलझा कर हाथ उसके हाथों में सुकून पाया है

    बंद आंखों में भी अक्स उसका ही नज़र आया है

    के बेमानी सी हो जाती है दलील दुनिया की जिस जगह

    उसी दर पर जाके दिल ने उसे अपनाया है।

    ©introvert12