• nidhidarda 34w

    होकर बेनूर भी मुस्कुराया करता है
    वो चराग़ जो है,
    रोशनी का मतलब जानता है

    बड़े गहन अंधेरों से गुज़रता है
    बहुत शातिर है वो,
    चाँद की कहानी जानता है

    कई पतंगो को फ़ना होते देखा है ख़ुदमे
    बहलाओ मत उसे,
    वो दीवानगी का मतलब जानता है
    ©nidhidarda