• prerana_dr30 9w

    स्वच्छ भारत

    भोर सवेरे उठकर देखा
    सब ‘ वैष्णव जन’ सुन रहे थे ,
    कहीं आसमान में तिरंगा लहराता
    कहीं स्कूलों में लड्डू बँट रहे थे।

    कोई नेता सफ़ेद कुर्ते में
    बड़ा सा झाड़ू लेकर फ़ोटो खिंचवाता,
    कहीं सफ़ाई और स्वच्छता पर
    माइक पर कोई सफ़ाई का पाठ पढ़ाता ।

    सफ़ाया करना है तो
    संकीर्ण मानसिकता का करो
    महिलाओं का सम्मान करो और
    अपने मन का मैल साफ़ करो।

    गलियों और नालों से पहले
    मन-मस्तिष्क को स्वच्छ बनाओ,
    दहेज, जातिवाद, भ्रष्टाचार जैसी
    कुरीतियाँ मिटाओ, देश को स्वस्थ बनाओ।

    कब तक हाथों में झाड़ू लेकर
    छपते रहोगे अख़बारों में,
    ऐसे पोस्टर ,कैलेण्डर ,फ़ोटो
    बहुतेरे बिकते हैं बाज़ारों में।

    चलो स्वच्छ निर्मल मन से अब
    सबका हम सत्कार करें,
    स्वस्थ शरीर, निरोगी मन लेकर
    बापू-शास्त्री का सपना साकार करें।
    ©prerana_dr30