• ambivert 46w

    तुम मुझे याद रहोगे,
    तुम्हें याद रखना, मेरी
    ज़रूरत का हिस्सा है।
    मुझे तुम्हें पाना नहीं है,
    तुम्हें जान लेना ही,
    काफ़ी होगा मेरे लिए।
    तेरी पहचान ने,
    एक पहचान दी है।
    एक ऐसी पहचान,
    जो खो जाती है,
    अनजानो के शहर में,
    और सलामत है,
    यादों की कहानी में।
    तुम याद आना
    मुझे मेरी पहचान बता देना।
    कहीं दूर ना निकल जाऊँ,
    तुम वापस बुला लेना।
    "वक़्त" मैं तेरा इंतज़ार करूँ,
    या तुम मुझे ख़ुद जगा देना।
    ©soul_underconstruction_