• hayat_ey_isq 45w

    वजह

    दर्द को कुछ इस तरह
    बयां कर रहे थे वोह।
    मसुका को खुशियों की
    दर्द की सुकून कि वजह बना
    यूं खुश हो रहे थे मानो जहां
    मिल गया हो।
    जरा सोचे उन मा बाप की बारे में
    जिनकी उम्मीदों की वजह हो तुम ।
    जिनकी खुशियों की वजह हो तुम।
    तुम्हरा बखान उनकी तकलीफ
    की वजह ना बन जाए।
    तुम्हरा इश्क़ उनकी ख्वाहिश के बीच ना जाए।

    कुछ सपने टूटे हैं उनके वजह हो तुम।
    परछाई हो तुम उनकी।
    तारीफों के पुल बांध ते हैं तुम्हारे ।
    क्यों की अमानत हो तुम उनकी।