• prahlad_singh_shekhawat 5w

    ये ज़िन्दगी की 'घडी' में
    तुम 'सेकंड' और मैं 'मिनट' की सुई हूँ
    आज बिछड़ना भी तो ज़रूरी है
    तभी तो फिर से मिल पाएंगे
    और अगर जुदा ना हुए
    तो गुनाह होगा के वक़्त रुक जाएगा
    और उसका रुकना अच्छा नहीं शायद
    क्यूंकि कोई अपने अच्छे वक़्त की तलाश में है
    ©prahlad_singh_shekhawat