• nehulatagarg 23w

    की , वो उससे दुनिया को फरहाम करने की हिम्मत रखता है या नहीं और जो करना जानता है वो तो कुछ भी हासिल भी कर लेता है और मुमकिन भी बना लेता है जबकि आपके शहजादें जैसे लोग तो सिर्फ़ दरवाजों को बन्द करना ही जानते है । हम दुआ करेंगे की , आप उन्हें सम्हाल पायें और उनकी सच्चाई कभी सामने ना आयें बस इसी आरजू के साथ रूख्सती की इजाजत चाहते है और .. । औनियोन बोल पडते है आहन्ना को शुक्रिया अदा करते हुए मायूसी से - आपको अब हम परेशान नहीं करेंगे और आप बेफिक्र रहियें हम शहजादें को आप तक आज के बाद कभी नहीं पहुंचने देंगे और आपका बहुत - बहुत शुक्रिया की , आपने इतना सबकुछ किया हम सबके लिये और दुआ करते है की , आपकी जिंदगी अब खेरियत से गुजरें और तमाम दुनिया - जहान की खुशीयां आपकी झोली में भर दें खुदा तो एफेसियस दुआ में आमीन कहते है और दोनों ही रूख्सत करते है आहन्ना को नेक दुआओं के साथ । क्रैथेसियन उस दिन पूरे वक्त आहन्ना का इंतजार करते है और उससे मिलने के लिये बेचैन रहते है लेकिन उन्हें आहन्ना का दीदार नहीं होता जिससे उनकी बेकरारी और बढती चली जाती है और वो आहन्ना से मिलने के लिये निकल पडते है लेकिन दरवाजे की दहलीज पर पहुंचते ही औनियोन सामने आकर खडे हो जाते है और उन्हें रोकते हुए कहने लगते है - आप कहीं नहीं जा सकते शहजादें तो क्रैथैसियन कहने लगते है - तुम क्यों नहीं समझते औनियोन हमें इज्रा से मिलना है और जब तक हम उनसे मिलेंगे नहीं तब तक हमें चैन नहीं आयेगा । हमारे रास्ते से हटो औनियोन हमें इज्रा से मिलने जाना है तो औनियोन अपने दोनों हाथों से रोकते हुए कहने लगते है - आप भी समझना क्यों नहीं चाहते शहजादें ? मलिका आहन्ना आपसे किसी भी कीमत पर मिलना नहीं चाहती और वो यहाँ से हमेशा - हमेशा के लिये जा चुकी है और हमने उनसे वादा किया है की , आप उनसे कभी नहीं मिलेंगे और वो जैसा चाहेंगी वैसा ही होगा और इसीलिये आप वहाँ

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    चित्रांगना

    नहीं जा सकते तो क्रैथैसियन कहने लगते है रूआँसे से - हमें जाने दो औनियोन ! हम उनके बगैर नहीं रह सकते और आप जानते है की , हम उनसे कितनी मोहब्बत करते है । एक बार पहले भी खो चुके है हम उन्हें लेकिन इस बार खुद से दूर नही जाने देंगे हम उन्हें । अब तो हम उन्हें हमेशा अपनी नजरों के सामने रखेंगे और एक लम्हें के लिये भी अपनी पलकों को नहीं झपकेंगे हमेशा अपने आगोश में समाये रखेंगे उन्हें और कोई भी अब उन्हें हमसे जुदा नहीं कर पायेगा और यह कहकर जाने लगते है तो औनियोन तैश में आते हुए उन्हें बेमन से रोकते हुए कहने लगते है अपनी तलवार निकालकर - आप हमें आप पर शमशीर उठाने के लिये मजबूर कर रहें है शहजादें जो हम नहीं करना चाहते लेकिन अगर आप नहीं मानें तो मजबूरन हमें यह करना होगा तो क्रैथैसियन कहने लगते है दुखी मन से - अब तुम हम पर शमशीर उठाओगें औनियोन तो ठीक है हम भी देखते है की , तुम हमें कैसे रोक पाते हो और यह कहकर अन्दर जाकर अपनी तलवार ले आते है और दोनों में लडाई शुरू हो जाती है । आहन्ना मेन्शियां से छत पर बैठी बातें कर रही होती है इब्राहम अबु को याद करती हुयी - बहुत दिनों हो गये है ना अबु और रूखसार को गये यहाँ से ! ऐसा लगता है जैसे सदियां गुजर गयी है इन पलों में और इंतजार है की , बस बढता जा रहा है और इस शाम के वक्त क्या कर रहें होंगे वो लोग वहाँ पर तो मेन्शियां कहने लगती है - आप फिक्र मत कीजिए सरकार बहुत जल्द ही लौटकर आ जायेंगे दोनों और देखिएगा बहुत अच्छी खबर लेकर आयेंगे वो लोग वहाँ से तो आहन्ना मेन्शियां से खुलवाने के चक्कर में पूछने लगती है - वैसे रूबैन के ससुराल वाले अच्छे से तो ख्याल रख रहें होंगे उनका क्योंकि बहुत फिक्र हो रही है हमें और सुना है की , बेटियों के ससुराल वाले मायेजान वालों की ज्यादा कद्र नहीं करते तो क्या पता ? वो उनके साथ अच्छे से तो बर्ताव कर रहें होंगे ना । उन्हें ढंग से सुला रहें होंगे खिला - पिला रहें होंगे ना क्योंकि हमें तो रूबैन के ससुराल वालों के बारे में ज्यादा पता तो है नहीं और वैसे भी वो जब से गये है तब से तो