• lostsoul04 10w

    जिंदा लाश !!

    हा ,, खुद से निराश हूं मै ,,
    जिंदा चलती बस अब एक लाश हूं मै,,
    खुद ही फ़ूल बिछाए थे मैने उन राहों पर चलने को संग ,
    पर फूलो कि महक कब चुभते काटो मे बदल जाती है ,,
    ये पता हमे भी ना लग पाया,,
    हा ,, खुद से निराश हूं मै ,,
    जिंदा चलती बस अब एक लाश हूं मै ,,
    शायद !! कुछ रास्ते हमारे लिए नहीं बने होते ,,
    अनपर फ़ूल बिछाते कब पैरो में काटे लग जाते हैं ,,
    ये पता हमे भी ना लग पाया ,,
    हा ,, खुद से निराश हूं मै ,,
    जिंदा चलती बस अब एक लाश हूं मै ,,
    लाख कोशिश करके देख ली मैने भी खुद को समझने कि,,फिर भी
    खुद का पता हमे भी ना लग पाया ,,
    हा खुद से निराश हूं मै ,,
    जिंदा चलती बस अब एक लाश हूं मै ,,
    अब बस वो रास्ते कभी ना मिले ,,
    जिन पर चलना मुझे अबतक नहीं आया !!