• vivek6563 21w

    मूंगफली गुड और रिज़ाई
    इस साल मुझे पसंद ना आई
    पिछले साल बस्ते में छिपाकर रखता था
    थोड़े बादाम कुछ काजू
    सब खत्म हो जाते थे बिना खाए
    थोड़ा गुस्सा करता कुछ गालियां भी देता था
    जो बचते थे उनको फिर से छिपाकर रखता था

    अब सब खुले में रखा है थोड़ा नहीं भर भर कर रखा है
    अब उन्हें कोई नहीं खाता
    वो कॉलेज की बातें थीं ये अकेलेपन की दास्तां है !

    ©vivek6563