• bitturohit 22w

    आज होंठो को होंठो से मिल जाने दो,
    आज अपनी रूह में मुझे ठहर जाने दो।

    धीरे धीरे ऊतार अपनी शर्म और हया,
    आज मुझे तुमको अपने जिस्म से लगाने दो।

    इन सर्द रातो में सांसो की जो गर्मी है,
    आज मुझे पूरी तरह इन मे खो जाने दो।

    पूरी रात तेरी पीठ पर अपना नाम गोद कर,
    आज आहिस्ता आहिस्ता मुझे बाहो में आने दो।

    अब जो कुछ भी कहना है बस आँखों से कहना,
    आज की रात बस सिसकियों में गुजर जाने दो।

    बेड़िया जो है दुनिया की आज तोड़ कर,
    आज तो मुझे अपना हमबिस्तर हो जाने दो।।

    Rohit K. Nagar RJ
    ©bitturohit