• abhayjha 30w

    तारों की खुशी का कोई ठिकाना ना था
    वो एक अमावस की रात थी,उनके जगमगाने का यही बहाना था।

    उसका हमसे कुछ ऐसा ही वास्ता था,
    वो जिस दिन बेवफा हुआ,उसी रोज़ ज़माने ने हमें पहचान था।

    उसने लाख बहाने किये, लेकिन सच तो ये है के,
    उसको जाना था,जाना था ,जाना था।
    ©abhayjha