• singh_capri 10w

    Hindu Kabhi aisa nah tha

    नफ़रत करके देख लिया,
    नुकसान खुद का ही है,

    ये तो ज़माने की आग है,
    जिसमें खुद तो जलते ही है,
    खुद का परिवार, देश और बच्चे भी ले डूबते हैं।।

    राम भी आज दुखी होंगे,
    अपने नाम को इस व्यापार में पाके,
    जहां जाती में भेद है,
    और खुद में दोगलापन,

    जिस धर्म ने क्रोध को आत्मा का शत्रु सिखाया,
    जिस धर्म ने सिखाया कि आत्मा को शरीर से ऊपर समझो,
    जिसने सिखाया कि अंतरात्मा ही ईश्वर है,
    जिसने बताया कि की कर्म ही धर्म है,
    और सेवा ही आस्था,
    आज वही ज्ञान सिर्फ बातों में है।।


    जिनसे सीखा है,
    उन्हीं को देखकर आजमाएं की कितनी मेहनत उन्होंने खुद पर की है,
    और कितनी दूसरों पर।

    Kisine sach hi Kaha tha,
    We were always seekers
    Never believers.

    ©singh_capri