• deepali856 23w

    #लम्हा #एक_नज़्म

    पलक झपकते ही आँखो से ओझल हो गया।
    वो एक लम्हा मेरा और तुम्हारा।
    सदियां गुज़र गयी उस लम्हे में।
    वो तुम्हारा एक टक मेरी ओर देखना
    कुछ न कहना।
    ये उस लम्हे में मेरा मुस्कुरा देना।
    वो एक लम्हा जब सब कुछ खामोश था ,तुम्हारे और मेरे बीच।
    वो एक भावनाओं और खामोशियों का लम्हा।
    वो एक लम्हा जो मुझे लगा के सदियों तक चले।
    पर क्या लम्हे सदियों तक चलते है?
    नही..
    सदियां तो लम्हों से बनी होती हैं।
    पर ये क्या तुम्हारा एक लम्हा मेरी पूरी ज़िंदगी ले गया।
    ये एक लम्हा सदियों तक चला।
    मैंने अपनी सारी खामोशी तुम्हारे साथ बाँट ली।
    उस एक लम्हे को रास्ता बना कर।
    जब तक वो लम्हा है तब तक हम और तुम हैं।
    अगर कुछ ज़िंदा है बस वो एक लम्हा।

    --दीपाली वर्मा