• sheetaljk 23w

    लफ़्ज़ जो ज़ुबा पर है बोल दो,राज़ सारे दिल में जो है उन्हें खोलदो।बिछीं है यारी कि यह महफ़िल अरसे बाद, आओ सुर वही पुराना छेड़ दो।
    ©sheetaljk