• anurag_suroor 5w

    रात गुज़री नहीं इन आँखों में ही ठहरी है
    ख़ाब से कह दो वफ़ा अपनी निभाये जायें

    ©mehta_anurag

    Nights going while thinking about you, let's inform dreams that they don't forget to come..