• goldenwrites_jakir 5w

    पहचान ✨️✨️

    पहचान की दुनियां में टुटा तारा आसमां बनकर रहगया
    ख्वाइश थी एक रोशन सबेरा जिंदगी हो ,,,

    मेरा ही अस्क मेरे आईने में मुझे -- मेरे पीछे दिखा
    दुनियां निकल गई आगे -- में ख्वावो के शहर में इंतजार करता रहा ,,,,

    सच क्या कहूं में जमाने से --- खुदसे ही खुद झूठ बोल कर जीता रहा हूँ में ,,,

    ना उम्मीदी को उम्मीद बनाकर - - पिंजरे में क़ैद उड़ रहा हूँ में ....

    लग कर गले कागज़ कलम से --- तस्बीर जिंदगी की अस्को की स्याही से खुदको ही समझा रहा हूँ में ...


    ©goldenwrites_jakir