• writerdeep 6w

    उसने कहा कि ,
    अपने लगाए हुए पौधों से भी पत्ता तोड़ लिया करो
    जिस सुर्ख़ कागज पर मेरा नाम लिखते हो
    उस पन्ने को आधा मोड़ दिया करो
    बड़ी कश्मकश में आ गया मैं रूठ गया खुद से
    जब उसने कहा कि
    कुछ चीज़ो को यू ही अधूरा छोड़ दिया करो
    मुझे यू ही तुम तन्हा छोड़ दिया..............
    मैंने कहा सुन ,
    मैने आजतक किसी पराये को भी तन्हा नही छोड़ा
    रोया , गिड़गिड़ाया , रूठा , टूटा
    बहुत मजबूर सा महसूस किया
    अपना तो छोड़िए जनाब मैंने दूसरों तक के
    पौधों से पत्ता नही तोड़ा
    कि जब पकड़ा हाथ किसी का यू सरेआम
    तो साथ मैने यू ही नही छोड़ा
    और वो पगली कहती है मुझसे
    ये पाक से रिश्ता तुम मुझसे तोड़ दो
    हमारा ये इश्क़ यू ही अधुरा छोड़ दो
    ये इश्क अधूरा छोड़ दो।।।।।।
    ©deepvishu