• erjoshihc 23w

    ये वाइज़ की नमाज नहीं "मृगतृष्णा"
    सदका ए इश्क़ है,
    काफ़िर को भी इबादत में यहां
    सर झुकना ही पड़ेगा ।।
    @मृगतृष्णा

    इश्क़

    काफिर इबादत
    कहाँ करता है
    और कहाँ
    नमाज़ पढ़ता है ?
    बिना इज़्तिरार
    और सोचे
    बस इश्क व
    प्यार करता है।
    ©erjoshihc