• galib_junior 31w

    इस बेरहम को मरहम वफ़ा , ना अब गवारा है..
    खामोश से उस आसमां का ,टूटा सितारा है..
    यूं तो अजीब सा है पर लाजवाब है,
    तन्हा बिताये वक़्त का, ख़ामख़ा बवाल है..

    हकीकत ना सही ,पर इक ख़याल है..

    ©_इंद्रजीत_