• prabhassharma 5w

    हो मुनासिब अगर तो इश्क़ ये कबूल हो....
    ये दिखावट बेवजह किस बात की है.....
    मैं कल लौट जाऊँगा फिर शहर अपने....
    मुझपे मोहलत बस आज रात की है ...
    ©prabhassharma