• sounvashistha 24w

    कहो! तो कहें...

    मेरे मन में एक बात उठी है...
    कहो! तो कहें,

    जब से तुम्हे देखा है,
    ये अहसास हुआ हैं।
    कि हमें भी प्यार हुआ है।

    कुछ पागल सा, बावरा सा हो गया हूं।
    पहले पहल तो ना समझा कैसे कहू,
    कैसे करू हाल-ए-दिल बयां,
    लगा कही हमे वहमे-दिल तो नही हुआ,

    पूछना चाहा प्यार के अहसास को,
    ताकि जान सकूं अपने दिल के हाल को,
    पर रूक गया ना पूछ सका किसी से भी,

    फिर मुझे तुम याद आए,
    जैसे सावन मे बादल हो छाए,
    हवा में नमी हो आई,
    आसमान में है घटा छाई,
    और समझ गया सब कुछ,

    अब जब समझ गया हूं,
    तो सोचा कि अब तुम्हे कहें,
    कहो! तो कहें।
    ©sounvashistha