• the_mohit_writeups 5w

    फ़खत आरज़ू लिए नज़रों में कुछ इस तरह घूम रहा था बेज़ार गलियों में वो,
    जनाब ज़रा पता करो कोई मुसाफ़िर था या दिल का मारा आशिक़ था वो...
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