• sh12345 6w

    अधीर है, मुखबदीर है
    वो तमस निगलता वीर है।
    यूं नमक रगड़ते घावों पर,भाव उसके मौन हैं।
    उर्फ़ न करे एक शब्द वो प्रतीत होता व्योम है।


    --श्वेता