• explorer_shashank 31w

    आसमान में छाई घटा देखकर
    कुछ पिछला याद आया था
    छतरी लेकर तुम खड़ी थी
    और में घर से भाग कर आया था
    चाय - पकोड़े मैन खिलाये
    और तुमने मरीन ड्राइव घुमाया था
    जुहू बीच मे थे नहाये
    और बारिश पे इल्ज़ाम लगाया था
    करीब भी आये थे हम दोनों
    बस एक छतरी का ही तो सहारा था।।
    ©dastaan-e-shayar