• shivam_raturi 23w

    'वक़्त की बात है'

    उसे आईलाइनर पसंद था, मुझे काजल।
    वो चिल्ली पोटैटो और कॉफ़ी पे मरती थी, और मैं अदरक की चाय पे।
    उसे नाईट क्लब पसंद थे, मुझे रात की शांत सड़कें।
    उसे अलग-अलग लोगों से दोस्ती करना, बातें करना पसंद था, मुझे शांत रहकर सिर्फ उसे सुनना पसंद था।
    उसे गाने सुनना अच्छा लगता था, और मुझे लिखना।
    वो लॉस एंजेलिस में घर, रेंज रोवर के सपने देखती थी, मैं बस उसके सपने पूरे करना चाहता था,
    किसी सर्द पहाड़ी पर सुबह का सूरज, उसके साथ देखना चाहता था।
    उसकी बातों में महँगे शहर थे, और मेरा तो पूरा शहर ही वो।
    न मैंने उसे बदलना चाहा, न उसने मुझे।
    वक़्त काफी आगे बढ़ गया।
    कुछ दिन पहले उसके साथ रहने वाली एक दोस्त से पता चला, वो अब शांत रहने लगी है, कविताएं पढ़ने लगी है, कुछ पहाड़ियों पर भी घूम आयी, शांत जगहों पर अंधेरा होने तक बैठी रहती है। आधी रात को अचानक से उसका मन अब चाय पीने को करता है।
    और मैं.....
    मैं भी अब कॉफ़ी पी लेता हूं, अलग-अलग लोगों को दोस्त बनाकर उनसे गप्पे लगा लेता हूँ।
    ©shivam_raturi