• tirth_shah 45w



    कितनी हसीन है तेरी हँसी ।

    आसमान के अधीन जैसे हो कोई परी ।।

    चाँद की चांदनी भी फीकी है ।

    जब सामने तेरी होती परछाई है ।।



    ©tirth_shah