• rahianjana 23w

    अफवाह

    आजाद हैं हम या अफवाह है फैली चारों ओर आजादी की,

    जंज़ीरों में बंधी है आजादी या बेगुनाही में सज़ा मिली है आजादी की,

    हकीकत है भी हमारे देश की आजादी की,

    या बस गुमराह ख्वाबो की बात है आजादी की,

    दिन रात सरहद पर डटे हैं फौजी घाटी की,

    सो खाई थी कसम ज़ंज़ीर तोड़ देंगे गुलाम आजादी की॥
    राही (अंजाना)
    ©rahianjana