• gauravsinha025 31w

    "शेर- 02"

    जिसे मंज़िल हुई हासिल, सफर में क्यों रहे अब वो,
    हमारे दिल की सूनी सी डगर में क्यों रहे अब वो,
    वफ़ा के नाम पर हर बार जिसने बेवफ़ाई की,
    नज़र से गिर चुका है जो, नज़र में क्यों रहे अब वो...
    ©gauravsinha025