• abhishekmanukumar 31w

    सारे चिराग़ अांधियों से नहीं बुझते
    कुछ के ईमान, साहब!
    मोहब्ब़त रूपी तेल के खत्म़ हो जाने पर डगमगा जाते हैं
    -abhishek manu kumar