• loveneetm 5w

    अफवाह

    सत्ता की बागडोर संभाले,
    कुछ ही महीने गुजरे हैं,
    वो सुधारने का नाटक कर,
    बदले की सियासत कर बैठें।

    अच्छा हैं सबकी चिंता है,
    पर मौन बना क्युँ मुखिया हैं,
    यह विपक्ष देश का शोर मचा,
    लोगों में दंगे कर बैठें।

    जो शोर मचाते सड़को पर,
    संसद में चुप्पी साधे क्यूँ,
    यह देश चले मानवता से,
    धर्मो में इसको बांटें क्यूँ।

    नफरत ना फैले लोगों में,
    आवाहन हैं नव पीढी को,
    हम ही भविष्य है दुनिया की,
    जो आपस में ही लड़ बैठें।

    संभलो बदलो सब सोच अभी,
    यहाँ अपने सब ही साथी है,
    यह सियासत करने वाले बस,
    दुनिया के टुकडे कर बैठें।
    @लवनीत