• vaishalisangwani_flyingbird 23w

    बारिश

    बारिश की बुँदे ने फिर आई
    अपने संग याद बचपन की लाई
    कागज की नाव से खेलके बड़े हुए हम आज
    लेकिन दोबारा न खेल पाये आज।

    बारिश की बुँदे फिर आई
    अपने संग याद दोस्तों की लाई
    मिट्टी में खेलके बड़े हुए हम आज
    आज उसी मिट्टी के लगते ही चिलाते है हम आज।

    बारिश की बुँदे फिर आई
    अपने संग याद पकौड़ो की लाइ
    गर्म गर्म चाय की चुस्कियां आज फिर याद आई
    यही बस एक याद जी जाते है हर बार।
    ©vaishalisangwani_flyingbird