• rajkumar_mallah85 5w

    हर एक पल

    अच्छे पल जल्दी गुजर जाते हैं सिर्फ कुछ हसी के साथ,
    और बुरे वक़्त में लंबे समय तक एक एक पल रोना पड़ता हैं।

    आखिर ऐसा पल भी क्यों आता हैं?
    जहां सोचने के अलावा और कुछ नहीं बचता।

    क्यों? ज़िन्दगी बेजान सी लगने लगती है हर एक पल में
    जहां ज़िंदा लाश बन के भी जीना पड़ता हैं।

    किस्मत कहे, या बार बार कोशिश करने पर नाकमियाबी, आखिर एक पल के लिए भी कुछ लोग क्यों नहीं जीत पाते हैं।

    रिश्तों की आड़ में कुछ लोग आखिर क्यों हर पल अपनों के ही खुशियों का गला घोट ते हैं।
    और वहीं दूसरी तरफ कोई अनजान हर पल उन्हीं के खुशियों के लिए सारे जहां से लड़ते हैं।

    एक पल में तो सारी खुशियां मिल जाती हैं
    लेकिन जब वहीं खुशियां अपनो के संग बांटने की बारी आती हैं तो आखिर क्यों समशान का बुलावा एक पल भर में ही आ जाता हैं।