• bornfree123 23w

    अंदाज़ा है मूझे।

    तेरे आँखों के वो सारे राज़,
    तेरी मुसकान में छिपे ददॆ के एहसास,
    कशमकश से लिपटे तेरे अलफाज़ों का,
    अंदाज़ा है मुझे।

    तेरे उन आँसू के वजह,
    तेरे खामोशी की तड़प,
    तेरे उन पलकों के सपनो का,
    अंदाज़ा है मूझे।

    तेरी बातों का सिलसिला,
    तेरे होठों की गुसताखियाँ,
    तेरे मासूम सि नज़रों का,
    अंदाज़ा है मूझे।

    तेरे उन अंधेरों सा डर का,
    अंदाज़ा है मूझे, अंदाज़ा है मूझे।

    ©bornfree123