• voiceofwords_16 30w

    जाते हो शब कहाँ चांदनी को छोड़ कर,
    आओ आजाओ वो रस्ता मोड़ कर।।

    तुम बिन मुझे कौन जानेगा ओ वीराने,
    जाते हो तूम कहाँ ये रिश्ता तोड़ कर।।

    हर रोज अमावस सी तनहाई न देना,
    रखना हाँ रख लो हर पहलू से जोड़ कर।।

    सितारों से बातें एक बार ना करूँगी,
    तू कहे जो मैं रह लूँ पल्लू ओढ़ कर।।
    ©voiceofwords_16