• neha__choudhary 6w

    31/05/2020

    1. दिलाराम को पसन्द हैं सच्ची दिल वाले। दुनिया का दिमाग न भी हो लेकिन बाप को दुनिया के दिमागी पसन्द नहीं, दिल वाले पसन्द हैं। 
    2. नम्बर भी बनते हैं - सच्ची साफ दिल के आधार से। सेवा के आधार से नहीं। सेवा में भी सच्ची दिल से सेवा की वा सिर्फ दिमाग के आधार से सेवा की!
    3. एडवांस पार्टी पूछ रही थी कि अभी हम तो एडवांस का कार्य कर रहे हैं लेकिन हमारे साथी हमारे कार्य में विशेष क्या सहयोग दे रहे हैं? 
    4. क्या हमारे साथियों को इतनी बड़ी सेवा की स्मृति है वा सेन्टरों में ही बिजी हो गये हैं वा ज़ोन में बिजी हो गये हैं?
    5. आत्माओं के वायब्रशेन कितने तमोगुणी होंगे, उसको परिवर्तन करना और स्वयं को भी ऐसे खूने नाहेक वायुमण्डल वायब्रेशन से सेफ रखना और उन आत्माओं को सहयोग देना- क्या इस विशाल कार्य के लिए तैयारी कर रहे हो? 
    6. मन्सा शक्ति अर्थात् श्रेष्ठ संकल्प शक्ति, एक के साथ लाइन क्लीयर नहीं होगी तो अपनी कमजोरियां पश्चाताप के रूप में भूतों के मिसल अनुभव होंगी 
    7. सफलता का आधार सदा सहनशक्ति और समाने की शक्ति है, इन विशेषताओं से सफलता सदा सहज और श्रेष्ठ अनुभव होगी।”
    8.  "निश्चय अटल और नशा सम्पन्न”
    9. जो बहुतकाल के सहयोगी बच्चे रहे हैं, एक बाप दूसरा न कोई, इस मेन सबजेक्ट में पास रहे हैं, ऐसे एक अनुभव करने वालों को बाप विशेष एक ऐसे समय सहयोग जरूर देता है।
    10. नष्टोमोहा की विधि से एक्स्ट्रा मार्क्स की गिफ्ट से सफलता को प्राप्त कर लिया। 
    11. सदा बाप और दादा की अंगुली पकड़ो या अंगुली दो। चाहे बच्चा बना के अंगुली पकड़ो, चाहे बाप बनाकर अंगुली दो।
    12. अभी वृत्ति द्वारा वृत्तियां बदलें, संकल्प द्वारा संकल्प बदल जाएं।