• vishesh_thakur 17w

    यही बचपन होगा

    पानी मे तैरती किश्ती और हवा मे उड़ता जहाज होगा
    इश्क़ का ज़िकर और उसका जवाब भी कागज़ मे लिखे शब्दो से होगा
    हाथों मे लगी स्याही उसका सबूत होगा
    हमारे लिए तो बस यही बचपन होगा

    काग़ज़ की अहमियत हमारे लिए यही होगी
    बेलपुरी का स्वाद और रोटियों की लिपटी खशबू का एहसास होगा
    काग़ज़ मे एक प्यारा सा फूल बनाया होगा जिसपे सिर्फ तुम्हारा ही नाम होगा
    हमारे लिए तो बस यही बचपन होगा

    काग़ज़ पे लिखे हुए कुछ ख्वाब होंगे
    पर कभी ना कभी एक तो पूरा होगा
    एक पुरानी सी कुछ पन्नो कि डायरी होगी जिसमे कुछ ना कुछ ख़ास होगा
    हमारे लिए तो बस यही बचपन होगा

    जब भी मन करता हम कलम लिए कुछ ना कुछ लिख देते
    नई डायरी थी कुछ तो लिखता होगा
    हर बीते दिनों के वो हसींन पलो के बारे मे कुछ तो लिखा होगा
    हमारे लिए तो बस यही बचपन होगा

    कहीं तो कलाकारी का भी पर्दशन होगा
    हर पन्ने के आखरी मे एक दस्तक जरूर होगा
    कहाँ गए वो काग़ज़ जिसमें हमारी आजाद सोच थी
    हमारे लिए तो बस यही बचपन होगा
    ©vishesh_thakur