• shriyash1203 6w

    जो नापतोल के किया जाए उसे कहते है कारोबार,
    जहा हिसाब की कोई गुंजाईश न हो उसे दोस्ती कहते है |

    जो होश-ओ-हवास में किया जाए उसे कहते है खैल ,
    जहा जेहन का कोई काम ही न हो उसे मोहोब्बत कहते है |

    जो वक़्त के साथ कम होती जाए उसे कहते है नुमाईश,
    जहा नजर की कोई जरुरत ही नहीं उसे ख़ूबसूरती कहते है |

    जो डर डर के कहा जाए उसे कहते है मज़बूरी ,
    जहा डर का कोई नामोनिशा न हो उसे सच कहते है|

    जो खुश हुआ जाए बस लिए आस खुशाली की उसे कहते है बेवकूफ़ी ,
    जहा बद्हाली को कोई जानता ही नहीं उसे रामराज्य कहते है |

    जो हर एक को खुश कर जाए उसे कहते है झूठ ,
    जहा मुख़ालिफत गुनाह न हो उसे जम्हूरियत कहते है |

    जो परवाह न करे किसीके जिंदगी की उसे कहते है समाज ,
    जहा जिंदगी बेमोल हो उसे इंसानियत कहते है |

    जो बस कल के फ़िक्र में गुजारा जाए उसे कहते है वक़्त ,
    जहा हर पल खूबसूरत हो उसे जिंदगी कहते है|


    ©shriyash1203