• ripudamanjhapinaki 23w

    अन्यायी से न्याय की करते रहे गुहार।
    न्याय मिला ना ईक ज़रा बढ़ गया अत्याचार।।
    आँखों पर पट्टी बंधी अंधा है कानून।
    सत्य लटकता सूली पर न्याय का बहता खून।।
    रूपयों में बिकने लगे अदालत के इंसाफ।
    बेकसूर पाए सज़ा खूनी के खून माफ।।
    "पिनाकी"

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    न्याय

    अन्यायी से न्याय की करते रहे गुहार।
    न्याय मिला ना ईक ज़रा बढ़ गया अत्याचार।।
    आँखों पर पट्टी बंधी अंधा है कानून।
    सत्य लटकता सूली पर न्याय का बहता खून।।
    रूपयों में बिकने लगे अदालत के इंसाफ।
    बेकसूर पाए सज़ा खूनी के खून माफ।।
    "पिनाकी"
    ©ripudamanjhapinaki