• kumarsaurabh29798 6w

    एक ख्वाहिश

    ख्वाहिश नहीं मुझे बड़ा बनने की,
    बस मुझे इंसान से इंसान जोड़ने वाला पुल बनाना है,
    रिश्तों में पड़ी दरारों को भरना है,
    बहते आंसुओं को रोकने वाला बांध बनाना है,
    इस दुनिया को महज एक मकान नहीं,इसे एक घर बनाना है,
    Fresh Concrete की तरह हर माहौल में ढलना है,
    प्यार मोहब्बत के सीमेंट कंक्रीट से सब रिश्तों को मजबूत बनाना है,
    एक सिविल इंजीनियर ही नहीं मुझे एक इंसान बन के जाना है,
    शून्य बन कर आया था इस दुनिया में, मुझे आप सबके दिलों❤️ में एक घर बना के जाना है,

    कुमार सौरभ